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सी एच सी के दर्जे वाले अस्पताल की दशा खराब। जमानियां गाजीपुर।


गरीब समाज के लिए एकमात्र सहारा सरकार के द्वारा दी गयी सरकारी सुविधाओं में सरकारी हॉस्पिटल और सरकारी स्कूल एक मात्र साधन है शिक्षा और स्वास्थ्य की जरूरत पुरा करने के लिए लेकिन जब उसी की व्यवस्था अव्यवस्थित हो तो गरीब व्यक्ति के लिए इस समाज में दुर्दशा के अलावा क्या रह जाएगा इसी क्रम में जमानिया के बरूईन गांव मे उपस्थित सी एच सी दर्जा प्राप्त हॉस्पिटल की हालात कुछ ऐसी है कि पता नहीं कुछ वर्षों से वहां के नागरिक अपनी स्वास्थ्य और शिक्षा की व्यवस्था कैसे पूरी करते हैं एक तो इन सरकारी व्यवस्थाओं पर वैसे ही विश्वास नहीं रहता है कि सरकारी कर्मचारी व अधिकारी सही ढंग से कार्य नहीं करते उसमें इन अस्पतालों की दुर्व्यवस्था रहे तो आखिर गरीब व्यक्ति कहां जाए इस अस्पताल में दुर्व्यवस्थाओं के कारण

डॉक्टर के ना रहने की व्यवस्था है ना ठीक से बैठने की व्यवस्था और जांच वगैरह की व्यवस्था तो अति दुर्लभ है इस क्रम में सुधार करके गांव के अथवा आसपास के गरीब लोगों के लिए इसकी सुविधा को दुरुस्त किया जा सकता है लेकिन कब अधिकारियों के कान में भनक पड़ेगी और कब उनकी आंखें इस दुर्व्यवस्था को देखकर इसकी दोस्ती करने के क्रम में आगे बढ़ेंगे फिलहाल के लिए डॉक्टर के आवास के लिए एक्कीस  लाख रुपए के बजट से पुराने मकानों को दुरुस्त किया जा रहा है देखते हैं आगे इस क्रम में सरकारी अस्पताल जो सीएचसी दर्जे का है उसे किन-किन सुविधाओं से लैस किया जाता है। 


जमानियां क्षेत्र के विकास में क्षतिग्रस्त सड़कें बाधक।  journalist praveen revival

जमानिया क्षेत्र के एन एच 24 की सड़के हो या पीडी की ताजपुर से धरनी रोड हो या गांव की सामान्य सड़के सीसी रोड इत्यादि इतनी क्षतिग्रस्त है कि नागरिकों को रोज भारी तकलीफों का सामना करना पड़ता है बीमार व्यक्ति को धोना हो या फिर रोजमर्रा की जरूरत के लिए बाहर निकलना हो इसके लिए सड़कों का ही व्यवस्था दुरुस्त होना चाहिए जबकि सड़के क्षतिग्रस्त अथवा गड्ढा युक्त होने से कितनी समस्याएं आम नागरिकों को करनी पड़ती है या तो वह नागरिक ही जानता है लेकिन सरकार के मनसा अनुसार सड़क के गधों को भरा जा रहा है नहीं उसकी रिपेयरिंग की जा रही है और विभाग भी जानकारी यह प्राप्त होती है कि बजट नहीं है तो फिर क्या इसी दुर्व्यवस्था के साथ नागरिकों को जीने का रास्ता दिखाया जाएगा वाहनों की तो ऐसी की तैसी लेकिन रोजमर्रा की भाग दौड़ में यह सड़के आम आदमी को एक सुलभ जिंदगी देने के लिए सक्षम होती है लेकिन उनकी दुर्व्यवस्था के कारण आम नागरिकों की जिंदगी अति दुर्लभ अथवा कष्टकारी हो चुका है जिला गाजीपुर के बहुत सारी सड़कों की स्थिति ऐसी ही बनी पड़ी है लेकिन शायद शासन के अथवा प्रशासन के दिमाग पर बाल नहीं पड़ रहा है अब इसकी सुनवाई कहां पर होगी यह हमारे प्रतिनिध प्रतिनिधि ही बता सकते हैं कि उनके क्षेत्र का विकास कैसे हो सकता है जहां सड़कों की स्थिति ऐसी हो और प्रशासन की स्थिति यह की सूचना के बाद भी उन्हें दुरुस्त करने की कवायत नहीं कर रहे हैं और जैसे कि शून्य कार्य की स्थिति बनी पड़ी है।