जमनिया में सावन के तीसरे सोमवार की पूर्व संध्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब: मां गंगा उतर वाहिनी सेवा समिति ने लगाया भव्य भंडारा

​जमनिया (गाज़ीपुर)।

​सावन माह के तीसरे सोमवार के पावन पर्व के उपलक्ष्य में रविवार की शाम जमनिया कस्बा स्थित ऐतिहासिक बलुआ घाट पर भक्ति, श्रद्धा और जनसेवा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां गंगा उतर वाहिनी सेवा समिति के तत्वावधान में परंपरा को कायम रखते हुए इस वर्ष भी दूर-दराज से आ रहे कांवरियों एवं श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे का आयोजन अत्यंत धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ किया गया।

​वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शुभारंभ

भंडारे का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि जमनिया नगर पालिका चेयरमैन श्री जयप्रकाश गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि श्री संतोष निगम जी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अतिथियों ने सर्वप्रथम मां गंगा के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके पश्चात अतिथियों ने स्वयं अपने हाथों से कांवरियों व श्रद्धालुओं को आदरपूर्वक भोजन एवं प्रसाद वितरित किया।

​शिव भक्तों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा: चेयरमैन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयरमैन श्री जयप्रकाश गुप्ता जी ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में दूर-दराज की कठिन यात्रा कर रहे शिव भक्तों एवं कांवरियों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म और पुण्य का कार्य है। मां गंगा के तट पर सेवा समिति द्वारा हर वर्ष किया जाने वाला यह आयोजन अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय है।

​समिति के सदस्यों ने निभाई सक्रिय भूमिका

आयोजन को सुचारू और सफल बनाने में मां गंगा उतर वाहिनी सेवा समिति के अध्यक्ष कमल चंद्र 'बाबा' जी के कुशल मार्गदर्शन में पूरी टीम ने तत्परता से योगदान दिया। भोजन वितरण व व्यवस्था संचालन में मुख्य रूप से घनश्याम जायसवाल, सुभाष चौरसिया, दिलीप वर्मा, विवेकानंद वर्मा, सुनील प्रजापति, सागर वर्मा, मनीष पटवा, जानी शर्मा, संतोष पांडेय, अनिल गुप्ता, जगदीश वर्मा, जितेंद्र वर्मा, उद्धव पांडेय, बलबीर सिंह, सुनील गुप्ता, अभिषेक जायसवाल तथा अभिषेक गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नागरिक व समाजसेवी उपस्थित रहे।

​जयकारों से गूंज उठा बलुआ घाट

भंडारे में देर रात तक सैकड़ों कांवरियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। समिति के कार्यकर्ताओं ने मुस्तैदी से सेवा की। इस दौरान पूरा बलुआ घाट परिसर "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "जय मां गंगे" के भक्तिमय जयकारों से सराबोर रहा।