डा आर बी शरण अधिकारी होकर भी नहीं छोड़ते डाक्टर का धर्म ।

डा आर बी शरण वर्तमान में। एडिशनल सीएमओ के पद पर  चंदौली में कमलापति हॉस्पिटल में कार्यरत हैं डा आर बी शरण बच्चों के बहुत ही अच्छे जानकार डॉक्टर है और उच्च पदों पर रहते हुए अपने डॉक्टर के धर्म को नहीं छोड़ते हैं कभी भी किसी भी समय अगर कोई व्यक्ति पीड़ित अपने बच्चे के इलाज के लिए उनके क्षेत्र में हो अथवा ड्यूटी के समय भी हो तो वह उसे वही देखते हैं और सही मार्गदर्शन करने से नहीं चूकते जिससे पीड़ित को सहायता प्राप्त होती है और बहुत ही मददगार साबित होती है लेकिन इनके इस अच्छाई को किसी और तरीके से देखने के लिए एक अच्छे नजरिए की जरूरत है कभी-कभी अच्छाई भी दूसरों की आंख का कांटा बनती है ऐसा ही कुछ मंजर न्यूज़ पेपरों में प्रकाशित हो रहा है लेकिन जो लोग अपने कर्तव्य और धर्म को बेहतर ढंग से निभाते हैं उनके सामने कठिनाइयां तो आ सकती है लेकिन वह पराजित नहीं हो सकते इसलिए बड़े अधिकारी जो अपने पद पर कोई घमंड ना करके अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हो ऐसे में समाज को उन्हें अच्छे निगाह से देखने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि हो सकता है जिस निगाह से वह उन्हें देख रहे हो वह व्यक्तित्व के धनी हो और कहीं उनसे यह चूक न हो जाए की व्यक्ति अपने कर्तव्य पथ से विचलित होकर हमारे समाज को कोसता रह जाए और हम एक अच्छे व्यक्तित्व के धनी पुरुषार्थ को खो बैठे
अथवा उस व्यक्तित्व के धनी कर्तव्य बोध से सुसज्जित व्यक्ति को गलत प्रहारों से चोट आ जाए और वह घायल हो जाए तो जिससे वह असमर्थ हो जाएगा समाज में हित करने व दूसरों की सहायता करने में।