टिकट मांगने पर बुकिंग क्लर्क ने जेल भेजने की दी धमकी,शिकायत के 16 दिन बाद भी कारवाई नहीं शिकायतकर्ता ने मंडल के डीआरएम,मुख्य वाणिज्य प्रबंधक सहित रेलवे मंत्रालय में कई शिकायत

वाराणसी 24 जून ब्यूरो रेलवे यात्रियों द्वारा की गयी शिकायतों को लेकर रेलवे के अधिकारी तनिक भी गंभीर नहीं है।बीते 8 जून को रात 9 बजे कैंट रेलवे स्टेशन के अनारक्षित टिकट काउंटर में जाकर राजातालाब निवासी विवेक श्रीवास्तव को ऑन डियूटी बुकिंग क्लर्क से धनबाद का टिकट मिलने के बारे में पूछने पर जेल भेजने की धमकी देने वाले बुकिंग क्लर्क पर शिकायत के 17 दिन बाद कारवाई नहीं हुई।शिकायतकर्ता ने कहा कि अगर कर्मचारी पर कोई कारवाई नहीं हुई तो न्यायालय के शरण में जाऊंगा।
     शिकायतकर्ता विवेक श्रीवास्तव का आरोप है कि बीते 8 जून की रात 9 बजे  अनारक्षित टिकट काउंटर के सामने लगे टिकट वेंडिंग मशीन पर धनबाद का टिकट लेने गया तो प्राइवेट कर्मी ने बताया कि धनबाद का टिकट यहां से नहीं मिलेगा बुकिंग कार्यालय पर जानकारी ले ।इस पर बुकिंग कार्यालय के अंदर जाकर धनबाद का टिकट मिलने के बारे में ऑन डियूटी बुकिंग क्लर्क से पूछा तो बुकिंग क्लर्क ने पूछा कि कहा से हो वाराणसी बताने पर जेल भेजने की धमकी दी।इस पर शिकायतकर्ता ने वाराणसी मंडल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक से जरिये मोबाइल व व्हाट्सअप पर मैसेज भेजकर घटना से अवगत कराया।अधिकारियों द्वारा उचित कारवाई का अश्वाशन भी दिया गया।बुकिंग काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज को भी अधिकारियों ने देख लिया बावजूद कोई कारवाई नहीं हुई।बीते 16 जून को वाराणसी मंडल के डीआरएम सहित मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे को भी मेल कर घटना से अवगत कराया गया है।डीआरएम द्वारा भी जांच कराकर कर्मचारी पर कारवाई की बात बताई गई है।शिकायतकर्ता विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे के अधिकारियों द्वारा केवल जांच के नाम पर फोन कर मुझसे पूछा जा रहा है और कारवाई का झूठा अश्वाशन दिया जा रहा है।अगर इस मामले में कर्मचारी के खिलाफ कोई कारवाई नहीं हुई तो न्यायालय की शरण में जाऊंगा।