संपादक प्रवीन रिवाइवल

[19:12, 3/3/2022] HindustanNews24: लोकतंत्र के इस महापर्व में राजतंत्र के धुरंधर चंदौली में । आज 3 मार्च 2022 को लोकतंत्र के इस महापर्व में चंदौली के धरती पर भाजपा के सबसे बड़े नेता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेश की अध्यक्षा सोनिया गांधी की बेटी राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी सकलडीहा के इंटर कॉलेज के मैदान में उपस्थित हुई चंदौली के इस धरती पर अब बड़े बड़े नेताओं का आगमन शुरू हो गया है चंदौली की धरती इस लोकतंत्र के पर्व में अपना पूरा योगदान निभाती है लेकिन शायद यह नेता जीतने के बाद लोकतंत्र के बचाव में कितने खरे उतरते हैं यह तो वक्त ही बताएगा क्योंकि जब तक अंतरिम व्यक्ति का लाभ उस तक नहीं पहुंचता है तब तक यह लोकतंत्र नहीं आ सकता यह राजतंत्र चलाने का जो भी फंडे अपनाते हैं इससे यह राजनैतिक केवल अपने पद पर राजा बने हुए हैं और आम जनता को केवल इनके आगे पीछे नाचते देखा जा रहा है उनके झंडे उनके बैनर उनके गमछे लटकाए हुए लोग अपनी इस उम्मीद में उनके साथ हो लेते हैं कि शायद काश यह जो राजनेता हैं वह लोकतंत्र के प्रवर्तक हो और लोकतंत्र की स्थापना करते हुए अपने देश को उच्च शीर्ष पर स्थापित कर सके इस उम्मीद से आम जनता इनके साथ लगी है कि लोक तंत्र कहीं से तो आएगा और उस आम आदमी अंतरिम व्यक्ति जिसके पास रोटी कपड़ा और मकान शिक्षा और चिकित्सा के अलावा कोई और मुद्दा नहीं होता उसको लाभान्वित करेंगे लेकिन यह नेता बड़ी-बड़ी बातों को तो कर जाते हैं लेकिन सत्ता आने के बाद उस स्थान को भूल जाते हैं और हमारी जनता अपना उद्धार कर्ता खोजती रहती है लोकतंत्र में हर व्यक्ति खुद ही मालिक होता है लेकिन वह इनके पीछे इस भांति लगा रहता है जैसे कि यह उनके पोषक हैं या भूल जाते हैं की यही जनता जो हमें वोट देकर गद्दी पर बैठा रही है वह समय आने पर उतारती भी है लेकिन समय 5 साल का है और 5 साल में यह विकास कहां से कहां जाता है होता है कि नहीं होता है यह जनता सोचती रह जाती है आज आजादी के इतने साल बाद भी हम लोकतंत्र में प्रति व्यक्ति का कुछ भला नहीं कर पा रहे हैं यह यह राजनेता सोच नहीं पा रहे हैं शायद काश लोकतंत्र में यह प्रति व्यक्ति या अंतरिम व्यक्ति को भी लाभ पहुंचाएं हमारे देश की रक्षा करें विश्व शांत हो और शांति की ओर अग्रसर हो शायद यहां कुछ पूंजीपति बाहुबली अगर इस लोकतंत्र के पर्व में अपने आप को स्थापित ना करें तो शायद आम जनता इस सोच से ऊपर उठकर अपने आप को इस में स्थापित कर सके यही एक लोकतंत्र की सोच और प्रभावी इच्छा है। [19:13, 3/3/2022] HindustanNews24: संपादक प्रवीन रिवाइवल