आंगनबाड़ी का प्रयोजन विफल नहीं होती छोटे बच्चों के निगरानी

सकलडीहा। सकलडीहा बाजार दुर्गा माता मंदिर पोखरे के पास प्राथमिक विद्यालय दो जो पहले कन्या पाठशाला के नाम से जाना जाता था वहां पर आंगनवाड़ी के ना आने से वहां पर पढ़ने वाले बच्चों के परिवार वाले काफी गुस्से में थे उन्होंने कहा एक तो वैसे ही स्कूल काफी दिनों से बंद था ऊपर से आंगनबाड़ी की कार्यकत्री लोग आए दिन आंगनवाड़ी बंद कर कर कहीं न कहीं घूमती रहती हैं और पूछने पर साफ संतुष्ट जवाब नहीं देती है और अगर कोई शिकायत करता है तो उनके अभिभावक उन के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं उनकी दबंगई इस प्रकार बड़ी हुई कि चुनाव पर्ची भी अपने समय से लोगों तक नहीं पहुंची जबकि इनकी ड्यूटी भी बीएलओ के रूप में लगी हुई थी