सम्पादकीय ———- विकसित गांव व शहरों को नियंत्रित कॉलोनी व विकास प्राधिकरण की आवश्यकता

[16:21, 3/30/2022] HindustanNews24: यह बात अब समझने की है कि हमारी आबादी के अनुसार गांव में रहन-सहन की माग बढ़ रही है जिसके कारण गांव व शहरों की खूबसूरती में विकार आ रहा है आबादी के अनुसार नए नए मकानों की स्थापना वह नए-नए जगहों के अनुसार नई-नई उपलब्धियां बढ़ रही है लेकिन वह व्यवस्थित व सुंदरीकरण के और अग्रसारित नहीं है शहरों में तो लगभग बिना परमिशन के मकान बनाना संभव नहीं है लेकिन गांव और कस्बों में यह देखा जा रहा है कि लोग अनियंत्रित ढंग से घरों का निर्माण कर रहे हैं जिससे बाद में पानी निकासी व सड़क व गलियों की दूर्व्यवस्था सामने बहुत ही गंभीर समस्या के रूप में प्रकट हो रही है इसके लिए सरकार को अब एक निश्चित रूप से विदेशों के नीति को अथवा अपनी कोई नीति के अनुसार विशेष कालोनियों का निर्माण करना चाहिए ताकि सड़क जल निकासी का प्रबंधन नियमानुसार व व्यवस्थित करके अच्छी-अच्छी कालोनियों का विकास किया जा सके अनियंत्रित विकास के कारण लोगों को आने जाने के मार्ग में दिक्कत परेशानियां हो रही है वह आए दिन उनके बीच झगड़ों व अवस्था का दुष्प्रभाव देखने को मिलता रहता है अब यह कानून धीरे-धीरे शहरों से गांव में भी विकसित करने चाहिए कि लोग व्यवस्थित ढंग से निर्मित मकानों को ढंग से बनाए ताकि रास्तों का निर्माण व गलियों का निर्माण इतने बेहतर ढंग से हो और उन शहर और कस्बों और गांवों की सुंदरता बढ़ती जाए ताकि हमें कल अव्यस्थाओं का सामना ना करना पड़े इसलिए सरकार को अब इतने बड़े आबादी के साथ अपने व्यवस्थित प्रणाली को भी विकसित करना चाहिए यह नियम और कानून के साथ लोगों के बीच में प्रस्तुत करना चाहिए और लोगों को इसका पालन करने पर भी विचार करना चाहिए ताकि हमारा समाज बेहतर व संगठित सुंदर वह दिग्दर्शक के रूप में प्रस्तुत हो सके।